बालोद। जिले में पाटेश्वर धाम से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आदिवासी समाज के हजारों लोगों ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स को पार कर कलेक्टर कार्यालय परिसर में प्रवेश कर अपनी मांगों को लेकर वहीं धरने पर बैठ गए। समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही चूल्हे में खाना बनाकर प्रदर्शनकारियों को खिलाया।

आदिवासी समाज के लोगों का आरोप है कि पाटेश्वर धाम के बालक दास के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि करीब 12 एकड़ से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसे तत्काल हटाया जाना चाहिए।

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि पाटेश्वर धाम में पंचायत के प्रस्ताव के बिना एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्माण कार्य कराया गया है। उन्होंने इन निर्माणों को अवैध बताते हुए उन्हें हटाने की मांग की है। साथ ही जलकैनी माता स्थल को नुकसान पहुंचाने और उसे पाटने का भी आरोप लगाया गया। ग्राम सभा की अनुमति के बिना रूढिजन्य पारंपरिक सीमा क्षेत्र के भीतर जल, जंगल, जमीन पर कब्जा, अवैध खनन एवं निर्माण कार्य पर कार्रवाई व 17 मई से 15 जून 2026 तक प्रस्तावित मेला कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

प्रशासन के खिलाफ कर रहे नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। बड़ी संख्या में लोग लाउडस्पीकर और माइक के साथ कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए और लगातार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी व संबोधन करते रहे। प्रदर्शनकारी कलेक्टर से सीधे मुलाकात कर अपनी मांगों पर चर्चा करने की मांग कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक हजारों की संख्या में लोग कलेक्टर कार्यालय के सामने डटे हुए थे और स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई थी। फिलहाल प्रशासन की ओर से मांगों और आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *