वॉशिंगटन डीसी/तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि उसके पास युद्ध खत्म करने के लिए सीजफायर पर सहमत होने के लिए सिर्फ तीन दिन हैं, नहीं तो उसकी तेल पाइपलाइन में ब्लास्ट हो जायेंगी।

फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान तेल का निर्यात नहीं कर पाता, तो पाइपलाइन में दबाव बढ़ेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि तेल को जहाजों या स्टोरेज टैंकों में भेजने का रास्ता बंद है और उस पर नाकेबंदी लगी हुई है।

उन्होंने दावा किया कि जब तेल का बहाव अचानक रोकना पड़ता है, तो पाइपलाइन के अंदर दबाव बनता है और तकनीकी व प्राकृतिक कारणों से वह फट सकती है। ट्रम्प के मुताबिक, अगर ऐसा हुआ तो पाइपलाइन को पहले जैसी हालत में दोबारा बनाना लगभग नामुमकिन होगा और उसकी क्षमता भी काफी घट जाएगी।

ईरान का न्यूक्लियर और होर्मुज पर समझौते से इनकार

ईरान ने अमेरिका के साथ समझौते को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उसने कहा है कि न्यूक्लियर कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह संदेश पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। ईरान ने इन दोनों मुद्दों को अपनी ‘रेड लाइन’ बताया है और कहा है कि इन पर किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है।

साथ ही, यह भी साफ किया कि यह कोई औपचारिक बातचीत नहीं है, बल्कि अपनी स्थिति साफ करने की एक कूटनीतिक पहल है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस पूरे मामले में तय सीमाओं के भीतर रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

इजराइल ने UAE की मदद के लिए आयरन डोम भेजे
आयरन डोम इजराइल का एयर डिफेंस सिस्टम है। यह दुश्मन की ओर से दागे गए रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही रोककर नष्ट कर देता है।
आयरन डोम इजराइल का एयर डिफेंस सिस्टम है। यह दुश्मन की ओर से दागे गए रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही रोककर नष्ट कर देता है।

इजराइल ने हालिया ईरान युद्ध के दौरान अपना एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम आयरन डोम और सैन्य कर्मियों को UAE में तैनात किया था। यह जानकारी एक्सियोस की रिपोर्ट में सामने आई है, जिसमें अमेरिकी और इजराइली अधिकारियों का हवाला दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह तैनाती पहले सार्वजनिक नहीं की गई थी और युद्ध के शुरुआती दौर में की गई, जब UAE पर ईरान की ओर से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे थे। इन हमलों का निशाना खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने और अन्य अहम ठिकाने थे।

बताया जा रहा है कि अबू धाबी ने अपने महत्वपूर्ण नागरिक और सैन्य ढांचे पर खतरा बढ़ने के बाद अपने सहयोगी देशों से तुरंत मदद मांगी थी। इसी के तहत इजराइल ने यह एयर डिफेंस सिस्टम वहां भेजा।

ट्रम्प बोले- चीन के ईरान की मदद करने से दिक्कत नहीं

ट्रम्प ने कहा कि ईरान वाले मामले में चीन से उन्हें ज्यादा शिकायत नहीं है। फॉक्स न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चीन थोड़ी मदद कर सकता है, लेकिन उसका रोल बहुत बड़ा नहीं है।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि जैसे अमेरिका दूसरे देशों, जैसे यूक्रेन, की मदद करता है, वैसे ही अगर चीन कहीं मदद करता है तो उसे वह गलत नहीं मानते।

पुतिन से आज मिलेंगे ईरानी विदेश मंत्री

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सोमवार को मॉस्को दौरे पर व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे।

रूस में ईरान के राजदूत काजेम जलाली के मुताबिक, इस बैठक में अराघची रूसी अधिकारियों के साथ चल रही बातचीत, संभावित सीजफायर और मौजूदा हालात पर चर्चा करेंगे।

इसके साथ ही वे अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध खत्म करने के लिए चल रही बातचीत पर एक रिपोर्ट भी पेश करेंगे।

US-ईरान वार्ता अटकने से तेल कीमतों में उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता अटकने और होर्मुज स्ट्रेट से तेल सप्लाई घटने के कारण वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया है।

ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी बढ़कर 96 डॉलर से ऊपर चला गया।

ब्रेंट क्रूड वह तेल है जो उत्तरी सागर (यूरोप के पास) से निकलता है। इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार का मानक माना जाता है, इसलिए ज्यादातर देशों का तेल इसी के हिसाब से कीमत तय करता है।

WTI क्रूड यानी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट, अमेरिका में निकाला जाने वाला तेल है। यह ज्यादा हल्का और शुद्ध माना जाता है, इसलिए इसे रिफाइन करना थोड़ा आसान होता है।

ट्रम्प बोले- ईरान को बातचीत करनी है तो फोन करे

ट्रम्प ने कहा है कि अगर ईरान बातचीत करना चाहता है तो उसे सीधे अमेरिका से संपर्क करना चाहिए।

फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि ईरान चाहे तो अमेरिका के पास आ सकता है या फोन कर सकता है और बातचीत के लिए सुरक्षित लाइनें मौजूद हैं।

उन्होंने साफ किया कि ईरान को पता है कि किसी भी समझौते में क्या शर्तें होंगी और उसे परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के साथ चल रही जंग जल्द खत्म होगी और इसका अंत अमेरिका की जीत के साथ होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत में कुछ लोग समझदार हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान सही फैसला करेगा।

ईरानी विदेश मंत्री 24 घंटे में दूसरी बार पाकिस्तान क्यों पहुंचे

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार शाम एक बार फिर से इस्लामाबाद पहुंचे। वे उनकी 24 घंटे के भीतर दूसरी बार पाकिस्तान यात्रा है।

उन्होंने तब पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। इस दौरान ईरान ने अपनी चिंताएं और मांगों की एक सूची पाकिस्तान को दी, जिसे आगे अमेरिका तक पहुंचाया जाना था।

लेकिन मामला उस वक्त अटक गया जब डोनाल्ड ट्रम्प के दखल के बाद अमेरिकी डेलिगेशन इस्लामाबाद के लिए रवाना ही नहीं हुआ। इस पर अराघची ने कहा कि अब यह साफ नहीं है कि अमेरिका सच में बातचीत को लेकर गंभीर है या नहीं।

इसके बाद अराघची ओमान गए, जहां करीब 18 घंटे रहे। वहां से लौटने से पहले उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री, तुर्की और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की। खबरों के मुताबिक, इन बातचीतों में युद्ध खत्म करने को लेकर एक शुरुआती खाका तैयार हुआ।

अब अराघची फिर से इस्लामाबाद लौटे हैं, जहां वे एक बार फिर असीम मुनीर और शहबाज शरीफ से मुलाकात की। आज अराघची रूस जाएंगे और राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करेंगे।

 

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